कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा? ‘बाहुबली 2: द कन्क्लूजन’ में मिला जवाब

कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा? ‘बाहुबली 2: द कन्क्लूजन’ में मिला जवाब
April 28 15:13 2017 Print This Article

बहुत इंतज़ार के बाद आज फिल्म बाहुबली पार्ट-2 यानि बाहुबली- द कनक्लूज़न रिलीज़ हुई। इस फिल्म में जो भव्यता नज़र आती है वो भारतीय सिनेमा में पहले कभी नहीं देखी गई। विजुअल इफेक्ट्स के मामले में ये पहली वाली बाहुबली से भी कहीं आगे है। फिल्म में हर फॉर्मूले का भरपूर इस्तेमाल किया गया है। डायरेक्टर एस.एस. राजामौली का नाम आते ही ‘मगाधीरा’ और ‘ईगा’ ‘मक्खी’ और ‘बाहुबली: द बिगिनिंग’ जैसी फिल्में आंखों के सामने आ जाती हैं, बाहुबली की भव्यता के बाद पूरे विश्व के लोग सिर्फ इस बात का इंतजार कर रहे थे कि आखिरकार ‘बाहुबली 2’ कब रिलीज होगी और ये पता चलेगा की कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा?

यह है कहानी
बाहुबली 2 की कहानी वहीं से शुरू होती है जहां बाहुबली 1 की कहानी खत्म हुई थी। शिवा उर्फ महेंद्र बाहुबली (प्रभास) को कटप्पा (सत्यराज) ये बताने की कोशिश करता है कि आखिरकार महाराजा अमरेंद्र बाहुबली (प्रभास) की हत्या कैसे हुई थी। कहानी फ्लैशबैक में जाती है और उस समय का जिक्र होता है जब महिष्मति के साम्राज्य में अमरेंद्र बाहुबली का राज्याभिषेक होने वाला होता है और लोग खुश थे, लेकिन ये बात भल्लाल देव (राणा दग्गुबत्ती) को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं थी। जिसकी वजह से वो अपने पिता के साथ मिलकर अमरेंद्र बाहुबली को मारने का प्लान बनाता है, जिसमें कटप्पा को आगे रख दिया जाता है और महारानी शिवागामी (राम्या कृष्णन) को भी झूठ बोलकर विश्वासघात करता है। साथ ही कहानी में देवसेना (अनुष्का शेट्टी) की एंट्री होती है।

अब किन परिस्थितियों के अंतर्गत बाहुबली का कत्ल होता है, इसका पता आपको फिल्म देखकर ही लगाना पड़ेगा। फिल्‍म ‘बाहुबली’ देखने के बाद ‘बाहुबली 2’ से लोगों की उम्मीदे बहुत ज्यादा थीं बावजूद इसके ये फिल्‍म आपकी उम्मीदों पर खरी उतरती है। फिल्‍म में वही भव्यता, एक अकल्पनीय दुनिया, दिल दहलाने वाले युध्द के दृश्य और बेजोड़ कोरियोग्राफी, खासतौर पर युध्द। जैसे एक सीन में बाहुबली अमरेन्द्र और देवसेना महल में घुसे दुश्मनों से धनुष-बाण से युध्द करते हैं। इन सीन्स का फिल्मांकन हो या कोरियोग्राफी, आपको यह सब काफी बढ़ि‍या लगेगा।
जानिए आखिर फिल्म को क्यों देख सकते हैं? 
फिल्म की कहानी बहुत ही उम्दा है जो आपको बांधे रखती है साथ ही स्क्रीनप्ले दमदार है।  फिल्म का डायरेक्शन लाजवाब है और डायरेक्शन के साथ-साथ वीएफएक्स जबरदस्त है, जो आपको 2डी में 3डी का आनंद देता है। यही कारण है की फिल्म विजुअली काफी रिच है। हर एक सीन में कुछ न कुछ खास जरूर देखने को मिलता है। बहुत ही अद्भुत फिल्मांकन है जिसकी तारीफ जितनी भी की जाए कम है। फिल्म का इंतजार कटप्पा ने बाहुबली को क्यों मारा के लिए किया जा रहा था, लेकिन फिल्मांकन के दौरान और भी सरप्राइजेज सामने आते हैं, सुपर स्टार सुदीप का किरदार भी काफी दिलचस्प है।

प्रभास ने शारीरिक रूप से बहुत ही बेहतरीन काम किया है, तालियां भी बटोरते हैं साथ ही उनके अपोजिट राणा दग्गुबत्ती का काम भी काबिल-ऐ-तारीफ है, जिनसे आपको घृणा भी होने लगती है। साथ-साथ राम्या कृष्णन और अनुष्का शेट्टी के अलग-अलग रूप, तमन्ना भाटिया का पराक्रम, सत्यराज की गुत्थियां और बाकी किरदारों की सहज एक्टिंग है, जो देखने योग्य है। फिल्म का संगीत और खासतौर पर बैकग्राउंड स्कोर कमाल का है, जो आपको बांधे रखता है। फिल्म के द्वारा फिक्शन की कहानी काफी रीयल लगती है, जो की इक्कीसवीं सदी में डायरेक्टर एस.एस. राजामौली की जीत है। क्लाईमैक्स की जंग के दौरान ताबड़तोड़ एक्शन है, जिसकी परिकल्पना कर पाना भी मुश्किल है। तालियों की गड़गड़ाहट थिएटर में गूंजती है।

कमजोर कड़ियां 
फिल्म को हिंदी में डब किया गया है, जिसकी वजह से रेगुलर लिप सिंक आपको देखने को नहीं मिलता। गाना कोई और होता है पर आर्टिस्ट कुछ और ही तरह से लिप्स हिलाता हुआ दिखाई पड़ता है। हालांकि टीवी पर ऐसी डब की हुई फिल्मों की भरमार है और अब तो आदत भी हो चुकी है, इक्का-दुक्का चीजें, इस फिल्म की भव्यता के सामने काफी कम हैं।

बाहुबली की एंट्री से ही बजने लगीं तालियां 
फिल्म के पहले सीन में जब मां की पूजा पूरा कराने के लिए बाहुबली प्रभास की एंट्री हुई तो दर्शकों ने जोरदार तालियों से स्वागत किया। साउथ के स्टार को ऐसा रिस्पॉन्स मिला तो लगा कि अब प्रभास को बॉलीवुड की फिल्में साइन कर ही लेनी चाहिए। जहां तक फिल्म की बात है तो एंट्री ही नहीं, शुरुआत में कटप्पा के साथ बाहुबली की कॉमेडी पर भी दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं। मामा-भांजे इसी रूप में देवसेना यानी अनुष्का शेट्टी से मिले थे। इसी बीच तकनीकी सूझबूझ के साथ जो सीन पिरोये गए है, बाहुबली के फैन्स ने उनको भी खूब सराहा।
दर्शकों की सांसें भी थमी
फिल्मों में कई सीन ऐसे भी हैं जो दर्शकों को हैरान कर देते हैं. और ऐसा बांधते हैं कि पलक झपकाते हुए भी लगता है कि कुछ छूट जाएगा. क्लाइमेक्स ऐसा जानदार है कि हॉलीवुड फिल्मों के छक्के छुड़ा दिए हैं. बाहुबली ने उन लोगों को करारा जवाब दिया है जो बॉलीवुड की फिल्मों को सतही कहकर बस विदेशी फिल्मों का गुणगान करते हैं। फिल्म से एक खास कनेक्शन तब भी महसूस होता है जब इसके पोस्टर्स को आप स्क्रीन पर लाइव होते देखते हैं। बाहुबली का हाथी की सूंड पर चढ़ना, देवसेना का राजसी रूप, बाहु और देवसेना का एक साथ तीरकमान चलाना। यह सीन पर्दे पर एक अलग ही कनेक्शन सेट करते हैं।

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