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अबाउट मध्यप्रदेश

‘भारत का हृदय’ है मध्यप्रदेश
‘भारत का हृदय’ मध्यप्रदेश देश का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है। यह राज्य अपनी संस्कृति, सभ्यता, प्राकृतिक सुंदरता, अद्भुत दृश्य, कला, कलात्मक शैली, चारों ओर फैली शिल्पकला के माध्यम से पर्यटन स्थलों में खुद को शुमार करती है। जिसकी सुंदरता देखने के लिए दूर दूर से पर्यटक यहाँ आते हैं और इसकी नक्काशी कलात्मक शैली को देख वाह वाह कहते रह जाते हैं। ब्रिटिश समय के दौरान यह भारत के ‘केन्द्रीय प्रांत’ के रूप में जाना जाता था। वर्ष 2000 तक, “मध्यप्रदेश” क्षेत्र के लिहाज में भारत का सबसे बड़ा राज्य था, लेकिन छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माण के बाद यह क्षेत्र के लिहाज में दूसरा सबसे बड़ा राज्य और जनसंख्या के लिहाज में सबसे बड़ा, छठा राज्य बन गया है। मध्यप्रदेश में आसपास के राज्यों से सड़क मार्ग से आप आसानी से यात्रा कर सकते हैं।
मध्य प्रदेश का सौंदर्य पर्यटकों को आकर्षित करता है। पहाड़, जंगल, नदियां, समृद्ध विरासत, रोमांचक वन्य जीवन और सांस्कृतिक विविधता से सजी इसकी प्राकृतिक रचना, पर्यटकों को बरबस ही रिझाती है। विंध्य और सतपुड़ा की पहाड़ी श्रृंखलाओं के साथ मध्य प्रदेश पूरी तरह हरियाली से सराबोर है। नर्मदा, ताप्ती, शिप्रा, बेतवा, चंबल, सोन और कई अन्य नदियां अपने साथ किंवदंतियों और इतिहास को साथ लेकर बहते हुए परिदृश्य को गहरा अर्थ प्रदान करती है। उमरिया जिले में बांधवगढ़ नेशनल पार्क सफेद बाघों के लिए पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, शिवपुरी, पन्ना और कई अन्य राष्ट्रीय उद्यान लोगों को वन्य जीवन देखने का दुर्लभ, रोमांचपूर्ण अवसर प्रदान करते हैं।
कैसे पहुंचें
हवाई मार्ग
मध्यप्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर हवाई मार्ग भारत के दिल्ली, मुंबई, पुणे, नागपुर, हैदराबाद, विशाखापट्टणम्, बंगलोर, श्रीनगर, अहमदाबाद आदि शहरों से सुविधा की दृष्टि से आसानी से पंहुचा जा सकता है। प्रदेश के प्रमुख हवाई अड्डें भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, खजुराहो जैसे शहरों में स्थित हैं। मध्यप्रदेश के महत्वपूर्ण स्थानों तक हवाई मार्ग से पहुंचना सुलभ हैं।
रेल मार्ग
मध्यप्रदेश राज्य, भारतीय रेल से जुड़ा हुआ है। अपने केंद्रीय स्थान के कारण अधिकांश प्रमुख रेलवे पटरियां इस राज्य से होकर गुजरती है। जयपुर, आगरा, दिल्ली, मुंबई, बंगलौर, हैदराबाद, चेन्नई, कोलकाता, रणथंभौर, उदयपुर, अहमदाबाद, पुरी, हरिद्वार, वाराणसी जैसे सभी महत्वपूर्ण शहर और पर्यटन स्थल, मध्यप्रदेश के साथ सीधी गाड़ियों द्वारा जुड़े हुए हैं। इटारसी, कटनी, बीना, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, छिंदवाड़ा, देवास, खंडवा जैसे कई रेलवे जंक्शन भी मध्यप्रदेश में हैं। हाल ही में “महाराजा एक्सप्रेस” नाम वाली लक्जरी पर्यटक ट्रेन शुरू कर दी गई है, जो मध्यप्रदेश के ग्वालियर, खजुराहो और उमरिया (बांधवगढ़) जैसे स्टेशनों से गुजरती हैं।
सड़क मार्ग
राष्ट्रीय राजमार्ग और राज्य राजमार्ग का व्यापक नेटवर्क पर्यटकों को मध्यप्रदेश में विभिन्न स्थानों तक सड़कों से पहुँचने में मदद करता है। मध्यप्रदेश के राजमार्ग, आसानी से राज्य के आसपास के भीतरी और बाहरी क्षेत्रों को जोड़ते है। अगर हम ‘राजधानी भोपाल’ शहर को केंद्र मानकर चले, तो ग्वालियर (422 किमी), इंदौर (187 किमी), सांची (45 किलोमीटर), आगरा (541 किमी), जयपुर (572 किमी), खजुराहो (387 किमी), मांडू (290 किमी) और नागपुर (345 किमी) जैसी जगहों तक सड़क मार्ग से आसानी से पहुँचा जा सकता है। मध्यप्रदेश राज्य की सीमा गुजरात, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र इन 5 राज्यों को छू लेती है। यह सभी राज्य मध्यप्रदेश के शहरों से सड़क मार्ग से जुड़े हुए हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग-7, राष्ट्रीय राजमार्ग-12, राष्ट्रीय राजमार्ग-25, राष्ट्रीय राजमार्ग-26, राष्ट्रीय राजमार्ग-27, राष्ट्रीय राजमार्ग-69, राष्ट्रीय राजमार्ग-3, राष्ट्रीय राजमार्ग-92, राष्ट्रीय राजमार्ग-12 जैसे कुछ प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्ग इस राज्य से गुजरते है। आगरा, जयपुर, वाराणसी, ताडोबा राष्ट्रीय उद्यान, रणथंभौर, रायपुर, विशाखापट्टणम्, अजंता, एलोरा, अहमदाबाद, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, माउंट आबू, चंबल अभयारण्य, लखनऊ आदि मध्यप्रदेश के करीबी प्रमुख पर्यटन स्थल सड़क मार्ग से जुड़े हुए हैं।