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आदिवासी

आदिवासी और नक्सली शब्द के मायने क्या हैं? 0

प्रकाश चंद्र आर्य आज़ादी के सत्तर वर्षों बाद भी भारत मे आदिवासी और नक्सली शब्द के मायने क्या हैं? क्या कभी आपने जानने की कोशिश की? क्या आदिवासी ही नक्सली

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मुख्यमंत्री ने जबलपुर जिले को पूर्ण विद्युतीकृत घोषित किया 0

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने वीरांगना रानी दुर्गावती बलिदान दिवस पर जबलपुर के टीएफआरआई नीमखेड़ा में आयोजित आदिवासी सम्मेलन में 18 करोड़ 28 लाख रूपये लागत से पूर्ण की गई

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मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना में 237 आदिवासी युवतियों का विवाह सम्पन्न 0

मुख्यमंत्री ने दिया आशीर्वाद भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आज सीहोर जिले के नसरूल्लागंज विकासखण्ड के ग्राम पिपलानी पहुंचे और यहाँ आयोजित सामुहिक विवाह सम्मेलन में परिणयसूत्र में बंधे नवयुगलों

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कोई भारिया बिना जमीन के नहीं रहेगा – मुख्यमंत्री  0

भारिया परिवारों के पक्के आवास बनेंगे और भारिया भाषा शिक्षक नियुक्त किये जायेंगे छिन्दवाड़ा में बनेगा भारिया सांस्कृतिक केन्द्र और कम्प्यूटर प्रशिक्षण केन्द्र रातेड़ में भारिया महासम्मेलन में मुख्यमंत्री श्री

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वनाधिकार के लंबित पट्टों के वितरण के लिये अभियान चलायें – मुख्यमंत्री 0

जनजातियों के आस्था और श्रद्धा स्थलों के विकास की योजना बनायें मुख्यमंत्री ने आदिम जाति मंत्रणा परिषद की बैठक में दिये निर्देश भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिये हैं

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अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग छात्रावासों को खाद्यान आवंटित 0

भोपाल। प्रदेश में अनुसूचित जाति, जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के 4367 छात्रावासों के लिये मार्च माह के लिये 13 लाख 14 हजार 365 क्विंटल खाद्यान आवंटन किया गया है। इन छात्रावासों

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जंगलों की कीमत खरबों, आदिवासी फिर भी गरीब 0

जंगलों के बढ़ते औद्योगिक उपयोग ने पर्यावरण प्रेमियों की चिंता बढ़ाई है तो इससे जंगलों में रहने वाले आदिवासियों का विस्थापन भी बढ़ा है. आदिवासी समुदाय अपनी परंपराओं और संस्कृति

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भाग के शादी करने का जश्न.. 0

मध्यप्रदेश के आदिवासी समुदाय में सालों से भगोरिया पर्व मनाने की प्रथा चली आ रही है. यह भील और भीलाला आदिवासी समुदाय का सालाना त्यौहार है जो कि रंगों के त्यौहार

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आदिवासियों की जीवन शैली और परंपरा 0

“आदिवासी समाज और संस्कृति के प्रति हमारे तथाकथित सुसंस्कृत समाज का रवैया क्या है? वो चाहे सैलानी – पत्रकार लेखक हों या समाजशास्त्री, आम तौर पर सबकी एक ही  मिलीजुली

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