पीईबी की उच्च माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा दे रहे अभियर्थियों के लिये खुशखबरी

पीईबी की उच्च माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा दे रहे अभियर्थियों के लिये खुशखबरी
February 08 19:15 2019 Print This Article

हरीश बाबू , 

Teacher Eligibility Examination- आउट ऑफ़ सिलेबस पूछे गये सवालों के मिलेंगे नंबर,

इंग्लिश, बायोलॉजी और कॉमर्स के पेपर से ज्यादातर अभियर्थी नाराज

भोपाल। प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड (पी. ई. बी.) इस समय उच्च माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा 2018 लेने में व्यस्त है और उसे परीक्षार्थियों की असुविधा का ख्याल भी नहीं है। उधर परीक्षा में आउट ऑफ़ सिलेबस सवाल पूछने से कई परीक्षार्थियों को पास होने के भी लाले पड़ गए हैं। परीक्षा का स्तर हाई करने के लिये पीईबी यही भूल गया की सवाल उन्हें सिलेबस से ही पूछने हैं। यही नहीं रही-कसी कसर 2 से 3 सवाल के उत्तर एक जैसे देने से परीक्षार्थियों का दिमाग कंफ्यूजन हुआ वो अलग।

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एक फरवरी से शुरू हुये उच्च माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा 2018 में अब तक 10 विषयों के पेपर हो चुके हैं, लेकिन इनमें से इंग्लिश, बायोलॉजी और कॉमर्स के पेपर को बहुत ही कठिन बना दिया गया, जिसकारण कई परीक्षार्थी परीक्षा पास ही नहीं कर पाये।

परीक्षार्थियों का कहना है कि प्रश्न सिलेबस से पूछते और हम ना कर पाते तो हमारी गलती होती, लेकिन आउट ऑफ़ सिलेबस सवाल पूछने से हम अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे है। ज्यादातर परीक्षार्थियों का कहना है कि उन्हें बोनस अंक दिये जाये, ताकि हम भी शिक्षक बनने की दौड़ में शामिल रह सके।

ज्ञात हो कि 2 सितम्बर 2018 को आयोजित सिविल सब इंजीनियर भर्ती परीक्षा में भी आउट ऑफ़ सिलेबस सवाल पूछने का मामला सामने आया था। बाद में पीईबी ने गलती को सुधारते हुये पेपर सेट करने वाले विषय विशेषज्ञों को ब्लैक लिस्टेड कर दिया, साथ में उनसे पांच गुना पैनल्टी वसूलने की कार्रवाई भी शुरू की। इस परीक्षा में भी आउट ऑफ़ सिलेबस सवाल पूछने के कारण कई पात्र आवेदक परीक्षा की मेरिट में शामिल नहीं हो पा रहे थे।

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हाँ पीईबी दे सकता है बोनस अंक

पीईबी की ऑफिसियल वेबसाइट पर उच्च माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा 2018 की नियम पुस्तिका में 2.9 (अ) में उल्लेख किया गया है कि परीक्षा उपरांत अभियर्थी अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकते हैं। इसके लिये उस पर कुछ कारण भी दिये गये हैं। यदि इनमें से कोई कारण अभियर्थियों के अनुरूप है तो वे सीधे पीईबी को अपनी लिखित शिकायत भेज सकते हैं।

यदि प्रश्न पाठ्यक्रम से बाहर का हो, प्रश्न की संरचना गलत हो, उत्तर के रूप में दिये गये विकल्पों में एक से अधिक विकल्प सही हो, कोई विकल्प सही नहीं हो, प्रश्न पत्र के किसी प्रश्न के अंग्रेजी एवं हिंदी अनुवाद में भिन्नता हो जिस कारण दोनों के भिन्न-भिन्न अर्थ निकलते हो और सही एक भी उत्तर प्राप्त न हो, कोई अन्य मुद्रण त्रुटि हुई हो, जिससे सही उत्तर प्राप्त न हो या एक से अधिक विकल्प सही हो, अन्य कोई कारण जिसे विषय विशेषज्ञ समिति द्वारा उचित समझा जाये। यही नहीं विषय विशेषज्ञ समिति द्वारा की गई अनुशंसा अनुसार ऐसे निरस्त किये गये प्रश्नों के लिए सभी को इस प्रश्न पत्र में उनके द्वारा अर्जित अंकों के अनुपात में दिये जा सकते हैं।

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क्या कहा अभियर्थियों ने

कॉमर्स का पेपर दे चुके राजकुमार तिवारी ने कहा कि पेपर में आउट ऑफ़ सिलेबस सवाल पूछे गये। जिससे हम क़्वालीफाई ही नहीं कर पाये। जबकि हमने तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ी थी।

कॉमर्स का पेपर दे चुकी रंजीता ने कहा कि पेपर में प्रश्नों के लिए जो हिंदी को प्रयोग में लाया गया था वो हिंदी इतनी कठिन थी कि समझ ही नहीं आई। ऐसा लगा जैसे गूगल से ट्रांसलेट कर प्रिंट कर दी गई हो। अर्थ ही नहीं समझ आया।

इंग्लिश का पेपर दे चुके अनूप दिवेदी ने पीईबी पर ही सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर आउट ऑफ़ सिलेबस सवाल पूछे ही क्यों गये। क्या पेपर बनाते समय विषय विशेषज्ञों के पास सिलेबस नहीं था क्या?

बायोलॉजी का पेपर दे चुकी अनु सोनी ने कहा कि कठिन पेपर की वजह से अब हम न घर के रहे और न घाट के। इतनी तैयारी करने के बाद भी पेपर में आउट ऑफ़ सिलेबस पूछा गया तो हम कैसे जवाब देते।

अवश्य बढ़ेंगे नंबर 

पीईबी द्वारा कराई जा रही उच्च माध्यमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा 2018 में अगर आउट ऑफ़ सिलेबस प्रश्न पूछे गये हैं तो अवश्य नंबर बढ़ाये जायेंगे। लेकिन नियम पुस्तिका में इसका उल्लेख किया गया है कि किस तरह नंबर बढ़ाये जायेंगे, उसी के अनुरूप नंबर बढ़ाये जायेंगे। 11 फरवरी के बाद मॉडल आंसरशीट वेबसाइट पर अपलोड की जाएगी। उसके 7 दिन के अंदर अभ्यर्थी पीईबी को लिखित शिकायत भेज सकते हैं। उसके बाद विषय विशेषज्ञ कमिटी उन सवालों को जांचेगी और यह तय करेगी की कौन – कौन से सवाल आउट ऑफ़ सिलेबस हैं। और जिन सवालों के जवाब एक जैसे हैं। उसी के अनुरूप नंबरों में बढ़ोत्तरी की जाएगी। अगर आउट ऑफ़ सिलेबस प्रश्न पूछे गये हैं तो पीईबी निश्चित ही अभियर्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुये नम्बर बढ़ाएगी।

डॉ. विशाल जोशी, जनसम्पर्क अधिकारी, प्रोफेशनल एग्जामिनेशन बोर्ड, भोपाल 

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